प्रिय मिलन की बेला आई सुहानी , गौरी ने ऑखों में अंजन लगाया है ।। प्रिय मिलन की बेला आई सुहानी , गौरी ने ऑखों में अंजन लगाया है ।।
मन व्याकुल है अखियां प्यासी, मोहे तेरे मिलन की आस।। मन व्याकुल है अखियां प्यासी, मोहे तेरे मिलन की आस।।
जब आंखो में पानी हो। दिल की कहानी हो। तब ! कैसे किसी के बिन रहा जा सकता है। जब आंखो में पानी हो। दिल की कहानी हो। तब ! कैसे किसी के बिन रहा जा सकता है...
और मैं उन पलों में तुम्हारे सानिध्य के लिए सुलगती रहती हूँ ! और मैं उन पलों में तुम्हारे सानिध्य के लिए सुलगती रहती हूँ !
खोल दे दिल का दरवाज़ा तू, इन्तज़ार करके खड़ा हूँ। खोल दे दिल का दरवाज़ा तू, इन्तज़ार करके खड़ा हूँ।
आंखों में आंसू बहाके, ढूँढ़ती हूँ मैं तुझे वन में। आंखों में आंसू बहाके, ढूँढ़ती हूँ मैं तुझे वन में।